देख कर आइना मुस्कुराने लगे
बेवजह खुद से नज़रें मिलाने लगे
हमको मालूम हे आईने ने कहा
तुम सजे हम सजे बात करने लगे
(तुम्हारी जुल्फों के पेचो से उलझा
तुम्हारी आँखों के अधरों में डूबा
में कतरा कतरा बिखरा तेरे होंठो की लाली पर)
मुहब्बत का तो एक ही फलसफा हे यारो
बहुत दूर हे किनारा और डूब ही के जाना हे
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