बड़ी शिद्दत से मिन्नतें करता रहा ये दिल
की तू जो मिल जाये कहीं किसी दिन
किसी सफ़र के दरमियाँ हो मुलाक़ात तुझसे
रास्ते सजे सजे से दिवाली की मानिंद हो
और रौशनी सी तेरे मेरे दिल में हो
काश के फिर थामे नहीं ये सफ़र ये रास्ते
काश के फिर कदम बढे इक दूजे के वास्ते
हो अँधेरा न फिर कभी रात की रानाइयों में भी
न आयें गम के बादल गहरे गहरे काले काले
बस भीगते रहे खुशियों की बारिश में मैं और तू
की तू जो मिल जाएँ कही किसी दिन b0
और रौशनी सी तेरे मेरे दिल में हो
की तू जो मिल जाये कहीं किसी दिन
किसी सफ़र के दरमियाँ हो मुलाक़ात तुझसे
रास्ते सजे सजे से दिवाली की मानिंद हो
और रौशनी सी तेरे मेरे दिल में हो
काश के फिर थामे नहीं ये सफ़र ये रास्ते
काश के फिर कदम बढे इक दूजे के वास्ते
हो अँधेरा न फिर कभी रात की रानाइयों में भी
न आयें गम के बादल गहरे गहरे काले काले
बस भीगते रहे खुशियों की बारिश में मैं और तू
की तू जो मिल जाएँ कही किसी दिन b0
और रौशनी सी तेरे मेरे दिल में हो